Teri Jaaliyon Ke Neeche Teri Rahmaton Ke Saae Naat Lyrics

 

तेरी जालियों के नीचे, तेरी रहमतों के साए
जिसे देखनी हो जन्नत वो मदीना देख आए

न ये बात शान से है, न ये बात माल-ओ-ज़र की
वो ही जाता है मदीने, आक़ा जिसे बुलाए

तेरी जालियों के नीचे, तेरी रहमतों के साए
जिसे देखनी हो जन्नत वो मदीना देख आए

कैसी वहाँ की रातें, कैसी वहाँ की बातें
उन्हें पूछ लो नबी का जो मदीना देख आए

तेरी जालियों के नीचे, तेरी रहमतों के साए
जिसे देखनी हो जन्नत वो मदीना देख आए

रोज़े के सामने मैं ये दुआएँ माँगता था
मेरा दम निकल तो जाए, ये समां बदल न जाए

तेरी जालियों के नीचे, तेरी रहमतों के साए
जिसे देखनी हो जन्नत वो मदीना देख आए

तयबा के जाने वाले ! तुझे देता हूँ सदाएँ
दर-ए-मुस्तफ़ा पे जा के तू जहाँ को भूल जाए

तेरी जालियों के नीचे, तेरी रहमतों के साए
जिसे देखनी हो जन्नत वो मदीना देख आए

लो चला हूँ मैं लहद में, मेरे मुस्तफ़ा से कह दो
के हवा तेरी गली की मुझे छोड़ने को आए

तेरी जालियों के नीचे, तेरी रहमतों के साए
जिसे देखनी हो जन्नत वो मदीना देख आए

वो ज़हूरी ! यार मेरा, वो ही ग़म-गुसार मेरा
मेरी क़ब्र पर जो आ के नात-ए-नबी सुनाए

तेरी जालियों के नीचे, तेरी रहमतों के साए
जिसे देखनी हो जन्नत वो मदीना देख आए

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