Izzat Ka Hai Haqdaar Wafadaar-e-Sahaaba Naat Lyrics

 

प्यारे प्यारे सहाबा, दिल के तारे सहाबा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबा

आ गए मैदां में वफ़ादार-ए-सहाबा
लो ! आ गए मैदां में वफ़ादार-ए-सहाबा

है मेरी जान ! सहाबा
है मेरी आन ! सहाबा
है मेरी शान ! सहाबा
मेरी पहचान ! सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा
ज़िल्लत का सज़ावार है, ग़द्दार-ए-सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

आक़ा के सहाबा हैं प्यारे सहाबा
सहाबा सहाबा, हमारे सहाबा
नबी चाँद हैं और सितारे सहाबा

सिद्दीक़ की तौहीन भला कैसे सुने हम
सिद्दीक़ तो है बे-शक ! सरदार-ए-सहाबा

सहाबा के ग़ुलाम ज़िंदा हैं
सहाबा के ग़ुलाम ज़िंदा हैं

बातिल के सर को तन से जुदा कर के रख दिया
मशहूर है जहान में तलवार-ए-सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा
इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

अंधे दिलों की जिस ने दी ईमान की चमक
बे-मिस्ल-ओ-ला-जवाब थी गुफ़्तार-ए-सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

हमारे सहाबा, हमारे सहाबा
हमारे सहाबा, प्यारे सहाबा
नबी चाँद हैं और सितारे सहाबा

सीरत है इन की सीरत-ए-सरकार-ए-दो-आलम
अल्लाह को पसंद है किरदार-ए-सहाबा

आ गए मैदां में वफ़ादार-ए-सहाबा
लो ! आ गए मैदां में वफ़ादार-ए-सहाबा

करते हैं नाज़ इस पे ख़ुदा के मलाइका
हासिल है जिस बशर को भी दीदार-ए-सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा
इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

उन के लिए तो उल्फ़त-ए-इब्लीस बहुत है
हम तो बने हुए हैं तलबग़ार-ए-सहाबा

है मेरी जान ! सहाबा
है मेरी आन ! सहाबा
है मेरी शान ! सहाबा
मेरी पहचान ! सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा
इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

‘अस्हाबी कन्नुजूम’ का मुज़्दा इन्हें मिला
कैसे बताऊँ आप को मे’यार-ए-सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा
इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

नबी चाँद हैं और सितारे सहाबा

अल्लाह को है प्यार सहाबा के अमल से
देखो तो ज़रा मुन्किरो वक़ार-ए-सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा
इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

मीर-ए-मुआविया पे न शब-ओ-सितम करो
बे-शक ! मुआविया हैं वफ़ादार-ए-सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा
इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

आसिम पढ़ेगा झूम के नग़्मे सलाम के
जब के लगेगा हश्र में दरबार-ए-सहाबा

आ गए मैदां में वफ़ादार-ए-सहाबा
लो ! आ गए मैदां में वफ़ादार-ए-सहाबा

है मेरी जान ! सहाबा
है मेरी आन ! सहाबा
है मेरी शान ! सहाबा
मेरी पहचान ! सहाबा

इज़्ज़त का है हक़दार, वफ़ादार-ए-सहाबा

शान-ए-सहाबा, हुब्ब-ए-सहाबा
बढ़ता रहा है, बढ़ता रहेगा

सहाबा सहाबा, हमारे सहाबा
नबी चाँद हैं और सितारे सहाबा

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