Poochho Na Ham Se Kya Kya Attar Ne Diya Hai Naat Lyrics

Poochho Na Ham Se Kya Kya Attar Ne Diya Hai Naat Lyrics

 

 

मिंजो दिल, मिंजी जान मिंजे पीर ते क़ुर्बान
मिंजो दिल, मिंजी जान मिंजे पीर ते क़ुर्बान

मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान
मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान

शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का
शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का

क़र्ज़ हम से हो न पाएगा अदा ‘अत्तार का
उम्र भर है जान-ओ-दिल से शुक्रिया ‘अत्तार का

शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का
शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का

पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है
पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है

रब की रिज़ा का रस्ता ‘अत्तार ने दिया है

पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है

जारी है मदनी चैनल, जो ख़ैर है मुकम्मल
बच्चे, बड़े सभी की उम्मीद का है जो फल
कैसा हसीन तोहफ़ा ‘अत्तार ने दिया है

पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है
पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है

शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का
शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का

मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान
मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान

आक़ा से ‘इश्क़-ओ-उल्फ़त, असहाब से मोहब्बत
हम सब को अहल-ए-बैत-ए-अकरम की बख़्शी चाहत
मस्लक मेरे रज़ा का ‘अत्तार ने दिया है

पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है
पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है

शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का
शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का

मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान

जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद, जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद
जज़ाकल्लाह, जज़ाकल्लाह, जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद

सारे जहाँ में जिस के होते हैं आज चर्चे
ये जामि’आत प्यारे, ये ‘इल्मिया के शो’बे
और प्यारा दारुल-इफ़्ता ‘अत्तार ने दिया है

पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है
पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है

शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का
शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का

मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान
मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान

मज़लूम की हिमायत, कमज़ोर का सहारा
इमदाद सब की करना हर-सू है मिशन हमारा
ख़िदमत का प्यारा जज़्बा ‘अत्तार ने दिया है

पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है
पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है

शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का
शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का

मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान

जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद, जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद
जज़ाकल्लाह, जज़ाकल्लाह, जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद

या रब ! रहे सलामत मुर्शिद हमारा प्यारा
‘इल्म-ओ-‘अमल से जिस ने हम सब को है सँवारा
इस्लामी रंग सच्चा ‘अत्तार ने दिया है

पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है
पूछो न हम से क्या क्या ‘अत्तार ने दिया है

शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का
शुक्रिया ‘अत्तार का, शुक्रिया ‘अत्तार का

मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान
मेरा दिल, मेरी जान मेरे पीर पे क़ुर्बान

जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद, जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद
जज़ाकल्लाह, जज़ाकल्लाह, जज़ाकल्लाह मेरे मुर्शिद

नात-ख़्वाँ:
मुहम्मद ख़लील अत्तारी

 

minjo dil, minji jaan minje peer te qurbaan
minjo dil, minji jaan minje peer te qurbaan

mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan
mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan

shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka
shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka

qarz ham se ho na paaega ada ‘attar ka
umr bhar hai jaan-o-dil se shukriya ‘attar ka

shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka
shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka

poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai
poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai

rab ki riza ka rasta ‘attar ne diya hai

poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai

jaari hai madani channel, jo KHair hai mukammal
bachche, ba.De sabhi ki ummeed ka hai jo phal
kaisa haseen tohfa ‘attar ne diya hai

poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai
poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai

shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka
shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka

mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan
mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan

aaqa se ‘ishq-o-ulfat, as.haab se mohabbat
ham sab ko ahl-e-bait-e-akram ki baKHshi chaahat
maslak mere raza ka ‘attar ne diya hai

poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai
poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai

shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka
shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka

mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan

jazakallah mere murshid, jazakallah mere murshid
jazakallah, jazakallah, jazakallah mere murshid

saare jahaa.n me.n jis ke hote hai.n aaj charche
ye jaami’aat pyaare, ye ‘ilmiya ke sho’be
aur pyaara daarul-ifta ‘attar ne diya hai

poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai
poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai

shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka
shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka

mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan
mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan

mazloom ki himaayat, kamzor ka sahaara
imdaad sab ki karna har-soo hai mishan hamaara
KHidmat ka pyaara jazba ‘attar ne diya hai

poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai
poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai

shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka
shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka

mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan

jazakallah mere murshid, jazakallah mere murshid
jazakallah, jazakallah, jazakallah mere murshid

ya rab ! rahe salaamat murshid hamaara pyaara
‘ilm-o-‘amal se jis ne ham sab ko hai sanwaara
islami rang sachcha ‘attar ne diya hai

poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai
poochho na ham se kya kya ‘attar ne diya hai

shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka
shukriya ‘attar ka, shukriya ‘attar ka

mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan
mera dil, meri jaan mere peer pe qurbaan

jazakallah mere murshid, jazakallah mere murshid
jazakallah, jazakallah, jazakallah mere murshid

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