Hai Itni Shadeed Ab To Tamanna-e-Madina Naat Lyrics

 

 

Hai Itni Shadeed Ab To Tamanna-e-Madina (Madina Madina – Khalid Hasnain Khalid)

 

मदीना मदीना, मदीना मदीना
मदीना मदीना, मदीना मदीना

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

मदीना मदीना

है इतनी शदीद अब तो तमन्ना-ए-मदीना
हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

मदीना मदीना

इस ने भी मदीना देख लिया, उस ने भी मदीना देख लिया
वो दिन भी तो आए मैं भी कहूँ, मैंने भी मदीना देख लिया

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

ए बाद-ए-सबा ! पैग़ाम मोरा, सुल्तान-ए-मदीना को दी जो

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

मदीना मदीना, मदीना मदीना
मदीना मदीना, मदीना मदीना

कोई पर्दे छलियाँ दे, कोई पर्दे छलियाँ दे
रस्ते नैं पुल दे तयबा दियाँ गलियाँ दे

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

जिंद गोर गुमावाँ मैं, जिंद गोर गुमावाँ मैं
हिक वारी सद सोहणिया ! फिर मुड़ के न आवाँ मैं

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

मिट्टी पाक मदीने दी, मिट्टी पाक मदीने दी
अखियाँ दा सुरमा ए सानूं ख़ाक मदीने दी

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

क्या बात ख़ज़ीने दी, क्या बात ख़ज़ीने दी
सारा जग खाँदा ए ख़ैरात मदीने दी

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

होवे ख़ैर सफ़ीने दी, होवे ख़ैर सफ़ीने दी
माण ग़ुलामाँ दा वसे झोक मदीने दी

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

मदीना मदीना, मदीना मदीना
मदीना मदीना, मदीना मदीना

आक़ा ! मेरे आक़ा ! मुझे तयबा में बुला लो
सोने नहीं देती है तमन्ना-ए-मदीना

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

जागूँ तो इसी धुन में रहूँ रात गए तक
सो जाऊँ तो ख़्वाबों में नज़र आए मदीना

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

मत और किसी शहर की रूदाद सुनाओ
शैदा-ए-मदीना हूँ, मैं शैदा-ए-मदीना

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

मक्का तू भी अफ़ज़ल है मगर इतना बता दे
हर शहर से बढ़ कर मुझे क्यूँ भाए मदीना !

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

हो जाए अता रख़्त-ए-सफ़र, इज़्न-ए-सफ़र भी
हो जाए करम मुझ पे अब, आक़ा-ए-मदीना !

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

ख़्वाहिश है कि अब जा के न लौटूँ मैं वहाँ से
नाज़िश ! मुझे तक़दीर जो दिखलाए मदीना

हर साँस से आती है सदा, हाए ! मदीना

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