Jo Ghulaam-e-Shah-e-Abraar Huaa, Khoob Huaa Naat Lyrics

Jo Ghulaam-e-Shah-e-Abraar Huaa, Khoob Huaa Naat Lyrics

 

 

उन के जो ग़ुलाम हो गए, वक़्त के इमाम हो गए
उन के जो ग़ुलाम हो गए, वक़्त के इमाम हो गए

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़ुल्द में जाने का हक़दार हुआ, ख़ूब हुआ !

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !

ये करम जो, मेरे सरकार ! हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़्वाब में आप का दीदार हुआ, ख़ूब हुआ !

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़ुल्द में जाने का हक़दार हुआ, ख़ूब हुआ !

बीच मँझधार में जब सू-ए-मदीना देखा
डूबता बेड़ा मेरा पार हुआ, ख़ूब हुआ !

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़ुल्द में जाने का हक़दार हुआ, ख़ूब हुआ !

रंज-ओ-आलाम ने जब भी किया रुख़ मेरी तरफ़
करम-ए-आक़ा मदद-गार हुआ, ख़ूब हुआ !

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़ुल्द में जाने का हक़दार हुआ, ख़ूब हुआ !

जिस घराने में है हसनैन-ओ-अली-ओ-ज़हरा
इस घराने से जिसे प्यार हुआ, ख़ूब हुआ !

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़ुल्द में जाने का हक़दार हुआ, ख़ूब हुआ !

जिन पे नाज़ाँ हैं वफ़ाएँ भी उन्हीं में से एक
ग़ाज़ी अब्बास ‘अलमदार हुआ, ख़ूब हुआ !

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़ुल्द में जाने का हक़दार हुआ, ख़ूब हुआ !

आज अश’आर की सूरत में यहाँ, सूफ़ी ख़लील !
उन की तौसीफ़ का इज़्हार हुआ, ख़ूब हुआ !

जो ग़ुलाम-ए-शह-ए-अबरार हुआ, ख़ूब हुआ !
ख़ुल्द में जाने का हक़दार हुआ, ख़ूब हुआ !

उन के जो ग़ुलाम हो गए, वक़्त के इमाम हो गए
उन के जो ग़ुलाम हो गए, वक़्त के इमाम हो गए

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