Sunhari Jaliyon Ko Ab Nazar Aane Ka Mouqa Do Lyrics

 

सुनहरी जालियों को अब नज़र आने का मौक़ा दो
फ़क़ीरों को शहे बत्हा उधर आने का मौक़ा दो

Sunhari Jaliyon Ko Ab Nazar Aane Ka Mouqa
Do
Faqeeron Ko Shahe Bat’ha Udhar Aane Ka Mouqa Do

 

दिलों में करबटें लेती हुई बेकल तमन्नाएं
यह कहती हैं कि क़दमों से बिखर जाने का मौका दो

Dilon Me Karbatein Leti Hui Bekal Tamannaein
Yeh Kahti Hain Ki Qadmon Se Bikhar Jaane Ka Mouqa Do

 

तुम्हारा ज़िक्र हम आठो पहर करते हैं रो-रो कर
हमारी आक़िबत को भी संवर जाने का मौक़ा दो

Tumhara Zikr Ham Aatho.n Pahar Karte Hain Ro-Ro Kar
Hamari Aaqibat Ko Bhi Sanwar Jaane Ka Mouqa Do

 

तक़ाज़ा आख़िरी है आपसे या शाफ़ा-ए-मह़शर
हमें भी अब मदीने में उतर जाने का मौक़ा दो

Taqaza Aakhiri Hai Aapse ya Saaf-e-Mahshar
Hamen Bhi Ab Madine Me Utar Jaane Ka Mouqa Do

 

लिपट जायेगा इशरत भी दरे अतहर के जल्वों से
उसे भी आपके जल्वों में घिर जाने का मौक़ा दो

Lipat Jaayega Ishrat Bhi Dare Athar Ke Jalwon Se
Usey Bhi Aapke Jalwon Me Ghir Jaane Ka Mouqa Do

 

सुनहरी जालियों को अब नात

By sulta