Noore chashme mustafa hain fatima lyrics

 

Noore chashme mustafa hain fatima
Ahliya e murtaza hain fatima

नूर ए चश्मे मुस्त़फ़ा हैं फ़ातिमा
अह़लिया ए मुर्त़ज़ा हैं फ़ातिमा

 

Sar pe beti ke jo hai saaya figan
Wo haya wali rida hain fatima

सर पे बेटी के जो है साया फ़िगन
वो ह़या वाली रिदा है फ़ातिमा

 

Maadar e hassain hain binte nabi
Maa khadiza ki ada hain fatima

मादर ए हसनैन हैं बिन्ते नबी
मां खदीज़ा की अदा हैं फ़ातिमा

 

Noore chashme mustafa hain fatima
Ahliya e murtaza hain fatima

नूर ए चश्मे मुस्त़फ़ा हैं फ़ातिमा
अह़लिया ए मुर्त़ज़ा हैं फ़ातिमा

 

Ilm ho ya hilm ho ya sabr o raza
Dil nashi.n ik sil sila hain fatima

इल्म हो या ह़िल्म हो या सब्र ओ रज़ा
दिल नशी इक सिलसिला हैं फ़ातिमा

 

Betiyon bahno suno samjho zara
Goonjta dar se haya hain fatima

बेटियों बहनों सुनों समझो ज़रा
गूंजता दर से ह़या हैं फ़ातिमा

 

Noore chashme mustafa hain fatima
Ahliya e murtaza hain fatima

नूर ए चश्मे मुस्त़फ़ा हैं फ़ातिमा
अह़लिया ए मुर्त़ज़ा हैं फ़ातिमा

 

Dushman e bu-bakr ke liye dosto
Ik muqadma mudd’aa hain fatima

दुश्मन ए बू-बक्र के लिए दोस्तों
इक मुक़दमा मुद्दाआ हैं फ़ातिमा

 

Woh jo jageer e fidaq ka kizb hai
Door us se ba khuda hain fatima

वो जो जागीर ए फ़िदक़ का किज़्ब है
दूर उससे बा ख़ुदा हैं फ़ातिमा

 

Noore chashme mustafa hain fatima
Ahliya e murtaza hain fatima

नूर ए चश्मे मुस्त़फ़ा हैं फ़ातिमा
अह़लिया ए मुर्त़ज़ा हैं फ़ातिमा

 

Hai zamana jaanta pahchanta
Paikar e ilm o haya hain fatima

है ज़माना जानता पहचानता
पैकर ए इ़ल्मों ह़या हैं फ़ातिमा

 

Betiyan mere muhammad ki hain chaar
Chaaron me arshad juda hain fatima

बेटियाँ मेरे मुह़म्मद की हैं चार
चारों में अरशद जुदा हैं फ़ातिमा

 

Noore chashme mustafa hain fatima
Ahliya e murtaza hain fatima

नूर ए चश्मे मुस्त़फ़ा हैं फ़ातिमा
अह़लिया ए मुर्त़ज़ा हैं फ़ातिमा

 

Manqabat Khwan: Mufti Saeed Arshad Al Hussaini
Poet: Mufti Saeed Arshad Al Hussaini

Manqabat fatima as lyrics in hindi

By sulta