Lo Ab Alvida Alvida Hai Hamari Lyrics

 

दमे नज़आ लब पे था हज़रत के जारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

कफ़न अब पहनने की है मेरी बारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

बुख़ार ऐसा आया था हज़रत को आख़िर
कि जिब्रील आए अयादत की ख़ातिर
लगे आप फ़रमाने महबूब ए बारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

मिज़ाज उनसे जिब्रील ने जब के पूछा
तो रोके यही मुंह से हज़रत के निकला
जुदा होती है हमसे उम्मत हमारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

थे असहाब की आंखों से आंसू जारी
के हज़रत जो हैं इन रफीक़ों से कहते
के आखिर है सोहबत हमारी तुम्हारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

मलक-उल-मौत जब के लेने को आए
हुसैन ओ हसन फ़ातिमा को बुलाए
कहा भर नज़र देख लो बेटी प्यारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

हुसैन ओ हसन को बहुत प्यार करके
लगे आप फ़रमाने यूं आंसूं भर के
के करना बहुत इन की ताज़ीमदारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

कहा फ़ातिमा ने ये रो-रो के बाबा
कहां फिर मिलोगे जुदा होके बाबा
कहा हश्र में होगी मिलने की बारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

जो है पुल सिरात ऐसा बारीक रस्ता
मैं उम्मत के हमराह उस पर मिलूँगा
बचाऊंगा गिरने से उम्मत को सारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

मैं महशर में पेश ए ख़ुदा होके हाज़िर
बहुत रोऊंगा अपनी उम्मत की ख़ातिर
कहूंगा गुनाहगार को बख़्श बारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

कहा गर वहाँ भी ना पाऊंगी बाबा
किधर ढूंढने फिर मैं जाऊंगी बाबा
कहा हौज ए कौसर पे भी गर ना पाना
जहन्नम के दर पर रहूंगा मैं आना
के दोज़ख़ में जाए ना उम्मत हमारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

वहां भी ना पाना तो आवाज़ देना
मुझे पास मीज़ान के ढूंढ लेना
रहूँगा मैं उम्मत का पल्ला हो भारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

कहा गर ना मीज़ान पर मुझको पाना
तो जन्नत के दर पर रहूँगा मैं आना
के उम्मत मेरी जाये जन्नत में सारी
लो अब अलविदा अलविदा है हमारी

 

कफ़न अब पहनने की है मेरी बारी
लो अब अलविदा अलविदा

 

Lo Ab Alvida Alvida Lyrics

By sulta