Jaanam Fida-e-Umar Hindi Lyrics

जानम फ़िदा-ए-उमर
या उमर ! उमर उमर
या ह़बीबी उमर, या ह़बीबी उमर
या ह़बीबी उमर, या ह़बीबी उमर
उमर उमर उमर उमर
उमर उमर उमर उमर
सहाबी-ए-रसूल हैं
वो एक बा-उसूल हैं
मुहाफ़िज़-ए-रसूल हैं
वो चाहत-ए-रसूल हैं
पछाड़ा कुफ्र को सदा
हैं आप ऐसे बा-वफ़ा
के काँप उट्ठे कुफ्र-ओ-शर
उमर उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
या उमर ! उमर उमर
सख़ा के आप बाब हैं
मिसाल-ए-माहताब हैं
हसीन इक किताब हैं
वो कुफ्र पर इ’ताब हैं
जहाँ में ला-जवाब हैं
वो अद्ल का निसाब हैं
दुआ है जिस की बा-असर
उमर उमर
उमर उमर उमर उमर
उमर उमर उमर उमर
अन्त ह़बीबी उमर, अन्त ह़बीबी उमर
है नील का ये वाक़िआ’
जो जारी आप ने किया
तो शोहरा चार-सू हुवा
कलेजा कुफ्र का फटा
तो दीन-ए-हक़ ने दी सदा
ये नारा हर तरफ लगा
गली गली नगर नगर
उमर उमर
उमर उमर उमर उमर
उमर उमर उमर उमर
जानम उमर उमर, जानम उमर उमर
रिज़ा-ए-किब्रिया है जो
दुआ-ए-मुस्तफ़ा है जो
वफ़ा का आईना है जो
वो सैफ़-ए-हक़-नुमा है जो
हमारा रहनुमा है जो
वो सीधा रास्ता है जो
बहुत बड़ा है वो निडर
उमर उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
या उमर ! उमर उमर
लुटा दिया है घर का घर
नबी के दीन-ए-पाक पर
उखाड़ा कुफ्र का है दर
क़याम हो के बे-ख़तर
जलाया कुफ्र का क़िला
हुए हैं दीन पर फ़िदा
है अब भी ग़लबा कुफ्र पर
उमर उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
उमर उमर उमर उमर
उमर उमर उमर उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
जानम फ़िदा-ए-उमर
या उमर ! उमर उमर
शायर:
मौलाना क़ायम रज़ा
नातख्वां:
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी और हाफ़िज़ अहसन क़ादरी

By sulta