Hazrat nizamuddin hain dukhiyon ke waali lyrics

 

 

 

Mere nizamuddin, hazrat nizamuddin

 

Patta patta bole ye, bole daali daali
Mangton ko unki hai den nirali
Aate hein rouze pe lakhon sawali
Choome hein sab unke rouze ki jaali
Fazl e khuda se koi louta na khaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Ghousul wara unke unke hein khwaja
Kahte hein sab unko dilli ke raja
Hai naam unka bada hee jalaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Fazl e khuda se koi louta na khaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Pyare nabi ke dulare hein hazrat
Shabbir o shabbar ke pyare hein hazrat
Duniya me unka hai shijra misaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Fazl e khuda se koi louta na khaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Wo dilwar hein pyare hein shahe huda ke
Sab jante hein wali hain khuda ke
Hai shaan unki badi hee nirali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Fazl e khuda se koi louta na khaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Wo pal bhar me apne manaein khuda ko
Wo haath jab bhi uthaein dua ko
Toofan se kashti unho ne nikaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Fazl e khuda se koi louta na khaali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Wo jaan e ali hein wali hein khuda ke
Wo hairan dulare hein mushkil kusha ke
Sipat unko di hai khuda ne nirali
Hazrat nizamuddin hein dukhiyon ke waali

 

Fazl e khuda se koi louta na khaali
Hazrat nizamuddin hain dukhiyon ke waali

मेरे निज़ामुद्दीन, हज़रत निज़ामुद्दीन

 

पत्ता-पत्ता बोले ये, बोले डाली-डाली
मंगतों को उनकी है देन निराली
आते हैं रौज़े पे लाखों सवाली
चुमें हैं सब उनके रौज़े की जाली
फज़्ल ए खुदा से कोई लौट ना खाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

 

ग़ौसुल वरा उनके, उनके हैं ख्वाजा
कहते हैं सब उनको दिल्ली का राजा
है नाम उनका बड़ा ही जलाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

फज़्ल ए खुदा से कोई लौट ना खाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

 

प्यारे नबी के दुलारे हैं हज़रत
शब्बीर ओ शब्बर के प्यारे हैं हज़रत
दुनिया में उनका है शिजरा मिसाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

फज़्ल ए खुदा से कोई लौट ना खाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

 

वो दिलबर हैं प्यारे हैं शाहे हुदा के
सब जानते हैं वली हैं खुदा के
है शान उनकी बड़ी ही निराली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

फज़्ल ए खुदा से कोई लौट ना खाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

 

वो पल भर में अपने मनाएं खुदा को
वो हाथ जब भी उठाएं दुआ को
तूफ़ान से कश्ती उन्होंने निकाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

फज़्ल ए खुदा से कोई लौट ना खाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

 

वो जाने अली हैं वली हैं खुदा के
वो हैरां दुलारे हैं मुश्किल कुशा के
सिपत उनको दी है खुदा ने निराली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

फज़्ल ए खुदा से कोई लौट ना खाली
हज़रत निज़ामुद्दीं हैं दुखियों के वाली

By sulta