Dard Seh Kar Bhi Tera Naam Liye jate Hain Lyrics

 

 

درد سہہ کر بھی تیرا نام لیے جاتے ہیں
تیرے دیوانے تجھے یاد کیے جاتے ہیں
Dard Seh Kar Bhi Tera Naam Liye jate Hain
Tere Deewane Tujhe Yaad Kiye Jaate Hain

 

تو نوازے نا نوازے تیری مرضی جاناں
ھم تو سجدے تیری چوکھٹ پے کیے جاتے ہیں
Tu Nawaaze Na Nawaze Teri Marzi Janaañ
Ham to Sajde Teri Chaukhat Pe Kiye Jaate Hain

 

شکریا تیرا رفوگر مگر اتنا تو بتا
کیا محبت میں گریبان سیے جاتے ہیں
Shukriya Tera Rafugar Magar Itna To Bata
Kya Mohabbat Mein Girebaan Siye Jaate Hain

 

ایک ہم ہیں کے ہمیں کچھ بھی نہیں پاسِ وفا
ایک وہ ہیں کے کرم ہم پے کیے جاتے ہیں
Ek Ham Hain Ke Hameñ Kuchh Bhi Nahiñ Paas e Wafa
Ek Woh Hain Ke Karam Ham Pe Kiye Jaate Hain

 

ہم پرستارِمحبت ہیں ہمیں جام سے کیا
وہ پلاتے ہیں نگاہوں سے پیے جاتے ہیں
Ham Parastaar e Mohabbat Hain Hameñ Jaam Se Kya
Woh Pilaate Hain Nigaahoñ Se Piye Jaate Hain

 

جانے والے تیرے قدموں کے نشاں باقی ہیں
ہم تو سجدے اُنہی راہوں پے کیے جاتے ہیں
Jane Wale Tere Qadmoñ Ke Nishañ Baaqi Hain
Ham to Sajde Unhi Rahoñ Pe Kiye Jaate Hain

 

اے فنا عشق کا دستور تجھے کیا معلوم
عشق میں دل ہی نہیں سر بھی دیے جاتےہیں
Aye Fana Ishq Ka Dastoor Tujhe Kya Maaloom
Ishq Mein Dil Hi Nahin Sar Bhi Diye Jaate Hain

 

 

दर्द सह कर भी तेरा नाम लिए जाते हैं
तेरे दीवाने तुझे याद किए जाते हैं

तू नवाज़े न नवाज़े तेरी मर्जी जानां
हम तो सजदे तेरी चौखट पे किए जाते हैं

शुक्रिया तेरा रफ़ूगर मगर इतना तो बता
क्या मोहब्बत में गिरेबान सीए जाते हैं

एक हम हैं, के हमें कुछ भी नहीं पास ए वफ़ा
एक वोह है, के करम हम पे किए जाते हैं

हम परस्तार ए मोहब्बत हैं हमें जाम से क्या
वह पिलाते हैं निगाहों से, पीए जाते हैं

जाने वाले तेरे कदमों के निशां बाक़ी हैं
हम तो सजदे उन्हीं राहों पे किए जाते हैं

ऐ फ़ना इश्क़ का दस्तूर तुझे क्या मालूम
इश्क़ में दिल ही नहीं सर भी दिए जाते हैं

 

दर्द सह कर भी तेरा नाम लिए जाते हैं
तेरे दीवाने तुझे याद किए जाते हैं

तू नवाज़े न नवाज़े तेरी मर्जी जानां
हम तो सजदे तेरी चौखट पे किए जाते हैं

शुक्रिया तेरा रफ़ूगर मगर इतना तो बता
क्या मोहब्बत में गिरेबान सीए जाते हैं

एक हम हैं, के हमें कुछ भी नहीं पास ए वफ़ा
एक वोह है, के करम हम पे किए जाते हैं

हम परस्तार ए मोहब्बत हैं हमें जाम से क्या
वह पिलाते हैं निगाहों से, पीए जाते हैं

जाने वाले तेरे कदमों के निशां बाक़ी हैं
हम तो सजदे उन्हीं राहों पे किए जाते हैं

ऐ फ़ना इश्क़ का दस्तूर तुझे क्या मालूम
इश्क़ में दिल ही नहीं सर भी दिए जाते हैं

शायर : फ़ना निज़ामी कानपुरी

By sulta