Ae Saba Mustafa Se Ja Kehna Gham Ke Mare Salam Kehte Hain Lyrics in Hindi

Ae Saba Mustafa Se Ja Kehna Gham Ke Mare Salam Kehte Hain Lyrics in Hindi

ए सबा ! मुस्तफ़ा से जा केहना ग़म के मारे सलाम केहते हैं
सब्ज़ गुम्बद की उन बहारों को दिल हमारे सलाम केहते हैं
ए सबा ! मुस्तफ़ा से जा केहना ग़म के मारे सलाम केहते हैं
सब्ज़ गुम्बद का आँख में मन्ज़र और तसव्वुर में आप का मिम्बर
सामने झालीयां है रोज़े की, दिल हमारे सलाम केहते हैं
ए सबा ! मुस्तफ़ा से जा केहना ग़म के मारे सलाम केहते हैं
अल्लाह अल्लाह ! हुज़ूर के गेसू, भीनी भीनी महकती वो खुश्बू
जिन से मा’मूर है फ़िज़ा हरसू, वो नज़ारे सलाम केहते हैं
ए सबा ! मुस्तफ़ा से जा केहना ग़म के मारे सलाम केहते हैं
जाइरे-तयबा तू मदीने में प्यारे आक़ा से इतना केह देना
आप की गर्दे-राह को आक़ा, दिल हमारे सलाम केहते हैं
ए सबा ! मुस्तफ़ा से जा केहना ग़म के मारे सलाम केहते हैं
ज़िक्र था आख़री महीने का, तज़किरा छिड़ गया मदीने का
हाजियो ! मुस्तफ़ा से केह देना, बे-सहारे सलाम केहते हैं
ए सबा ! मुस्तफ़ा से जा केहना ग़म के मारे सलाम केहते हैं
ग़म के बादल तमाम छटने लगे, परदे आँखों से सारे हटने लगे
जो तलातुम बने हुवे थे सोहेल, वो किनारे सलाम केहते हैं
ए सबा ! मुस्तफ़ा से जा केहना ग़म के मारे सलाम केहते हैं