Thu. Dec 2nd, 2021

सय्यिद-उल-औलिया नाइब-ए-मुस्तफ़ा मेरे ग़ौस-उल-वरा

ग़ौस-ए-आ’ज़म जीलानी !
ग़ौस-ए-आ’ज़म जीलानी !
मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !
मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
मेरे ग़ौस-उल-वरा ! इब्न-ए-शेर-ए-ख़ुदा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
इक सिवा आप के बा-ख़ुदा कौन है
क़स्में दे दे के जिस को खिलाए ख़ुदा
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
आसमान-ए-विलायत के चाँद आप हैं
आप हैं बज़्म-ए-कुल-औलिया की ज़िया
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
बन के सारिक़ जो आया था घर आप के
बन के निकला वली, हो गई जब ‘अता
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
इस में इतवार का दिन न आए कभी
मैं करूँ नौकरी आप की ता-जज़ा
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
आसरा मिल गया कश्ती-ए-जाँ को फिर
अल-मदद ग़ौस, जब दिल से मैं ने कहा
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
मेरे ग़ौस-उल-वरा ! इब्न-ए-शेर-ए-ख़ुदा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
सय्यिद-उल-औलिया ! नाइब-ए-मुस्तफ़ा !
मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !
मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !

By admin

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