Thu. Dec 2nd, 2021

रब की रहमत के तलबगार ! चलो ना’त पढ़ें

रब की रहमत के तलबगार ! चलो, ना’त पढ़ें
आ गए सय्यिद-ए-अबरार, चलो, ना’त पढ़ें
गर दवा काम नहीं करती तो इक काम करो
ठीक हो जाएगा बीमार, चलो, ना’त पढ़ें
उन के दीवानें कहेंगे ये ब-रोज़-ए-महशर
आ गए सय्यिद-ए-अबरार, चलो, ना’त पढ़ें
मुझ से कहती है मेरे दिल के धड़कने की सदा
होगा सरकार का दीदार, चलो, ना’त पढ़ें
जब सहाबा ने कहा, ज़िक्र करो आक़ा का
बोले ये हज़रत-ए-हस्सान, चलो, ना’त पढ़ें
हश्र में बोलेंगे इक साथ ये जामी, सा’दी
ए बरेली के रज़ा खान ! चलो, ना’त पढ़ें
‘इज़्ज़तें देगा ख़ुदा दोनों जहाँ में, ए न’ईम !
होगी तक़दीर भी बेदार, चलो, ना’त पढ़ें

By admin

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