मैं क़ादरी दीवाना मैं क़ादरी मस्ताना

 
 
 
 
मैं क़ादरी हूँ, शुक्र है रब्बे-क़दीर का
दामन है मेरे हाथ में पीराने-पीर का
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
या ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
बग़दाद की गलियां हैं और उर्स का मेला है
लंगर जो यहाँ देखा, हमने कहीं देखा ना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
या ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
बग़दादी फ़क़ीरों का ये हाल भी देखा है
माहौल फ़क़ीराना, अंदाज़ है शाहाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
या ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
जीलान के वाली तो सख़ीयों के शहंशाह हैं
भर देंगे तेरा दामन, बग़दाद चले आना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
या ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
वलीयों के वली आये, मेरे ग़ौस-ए-जली आये
मीरां की सवारी है, आँखों को बिछा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
या ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मेरे ग़ौस के लहज़े में रोशन है शरीयत भी
हर बात तरीक़त है, किरदार जुदा गाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
या ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं ग्यारवी की महफ़िल घर अपने सजाता हूँ
ये तोहफ़ा उजागर का मंज़ूर हो जानाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
या ग़ौस ! फ़क़ीरों की तुम लाज निभा जाना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना
मैं क़ादरी दीवाना, मैं क़ादरी मस्ताना

By sulta