टुकड़े किये क़मर के तो सुरज फिरा दिया Lyrics

 
टुकड़े किये क़मर के तो सुरज फिरा दिया ।
आक़ा ने कंकरी को भी कलमा पढ़ा दिया ।।
मूसा भी कोहे तूर पे ना देख पाए जो
रब ने तुम्हे वो जलवा खुद ही दिखा दिया ।

करते थे जिसमें होने की फरियाद अंबिया
रब ने वो पाक उम्मत हमको बना दिया ।
सुन कर रज़ा के दुश्मन उठ उठ के चल दिए
अहमद रज़ा का मैने जो नारा लगा दिया ।
पानी के बदले अपने गले में लिया है तीर
असगर ने कर्बला में सब्र दिखा दिया ।
पढ़ कर कलामे नजमी, जामी, रज़ा के यु
बेखुद रज़ा ने इश्के नबी में रुला दिया

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