Thu. Dec 2nd, 2021

गदा-ए-ग़ौस-ए-आज़म हूँ

ग़ौस-ए-आ’ज़म ! पीर-ए-पीराँ
मीर-ए-मीराँ ! ग़ौस-ए-आ’ज़म !
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
ख़ुदा के फ़ज़्ल से हम पर है साया ग़ौस-ए-आ’ज़म का
हमें दोनों जहाँ में है सहारा ग़ौस-ए-आ’ज़म का
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
‘मुरीदी ला-तख़फ़’ कह कर तसल्ली दी ग़ुलामों को
क़यामत तक रहे बे-ख़ौफ बंदा ग़ौस-ए-आ’ज़म का
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
‘अज़ीज़ो ! कर चुको तय्यार जब मेरे जनाज़े को
तो लिख देना कफ़न पर नाम-ए-वाला ग़ौस-ए-आ’ज़म का
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
लहद में जब फ़रिश्ते मुझ से पूछेंगे तो कह दूँगा
तरीक़ा क़ादरी हूँ, नाम लेवा ग़ौस-ए-आ’ज़म का
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
कभी क़दमों पे लौटूँगा, कभी दामन पे मचलूँगा
बता दूँगा कि यूँ छुटता है बंदा ग़ौस-ए-आ’ज़म का
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
फ़रिश्तो ! रोकते क्यूँ हो मुझे जन्नत में जाने से
ये देखो हाथ में दामन है किस का ! ग़ौस-ए-आ’ज़म का
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
जमील-ए-क़ादरी ! सौ जाँ से हो क़ुर्बान मुर्शिद पर
बनाया जिस ने तुझ जैसे को बंदा ग़ौस-ए-आ’ज़म का
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ, गदा-ए-ग़ौस-ए-आ’ज़म हूँ
ग़ौस-ए-आ’ज़म ! पीर-ए-पीराँ
मीर-ए-मीराँ ! ग़ौस-ए-आ’ज़म !

By admin

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