कैसे बताऊँ मर्तबा कैसा है ग़ौस رضی اللہ تعالی عنہ का

कैसे बताऊँ मर्तबा कैसा है ग़ौस رضی اللہ تعالی عنہ का

कैसे    बताऊँ    मर्तबा   कैसा  है  ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का
मन्स़ब  शऊरो  फ़िक्र से बाला  है  ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

हर  सिम्त  बज रहा है जो डंका है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का
जो दो जहाँ में चलता है सिक्का है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

उनके    तसर्रुफ़ात    को    समझो    बस    इस   तरह
फ़ख़रे रुसुल हैं ग़ौस के मौला है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

जब फ़ैज़याब होता है ठोकर से ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ की
मुर्दा भी उठ के ना’रा लगाता है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

औस़ाफ़ दस्ते ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ के अब क्या बताएँ हम
पैर औलिया के कान्धे पे देखा है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

देता   है    शेर   को    भी जो    पल  में   शिकस्ते  फ़ाश
वोह  कौन  है  बताइये ? कुत्ता है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

कैसे     न     बोल  बाला     हो     उसका    जहान    में
अह़मद रज़ा   है  कौन  दुलारा है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

उनके    ही   जद   हैं    क़ासिमे  ने’मत   न   क्यों    कहूँ
जो खा रहा हूँ वोह भी निवाला है ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

मिफ़्ताह़      दूर     रहते   हैं     मुझ   से    सभी  अलम
मेरे लबों पे जब  से  वज़ीफ़ा  है  ग़ौस  رضی اللہ تعالی عنہ का

Leave a Comment