आमदे मुस्तफा से हे फूला फला चमन चमन

 

आमदे मुस्तफा से हे फूला फला चमन चमन
अाई बहार हर तरफ खिलने लगा चमन चमन

शादी है हर मकाम में नखल में सब कियाम है
डालिया है सलाम में सर हे झुका झुका चमन

ठंडी हवाएं आती है कलिया भी मुस्कुराती है
बुल बुल चेह चहाती है
खिलने लगा चमन चमन

झूमते है शजर शजर ताजा हुुवा फूल फूल
सब्ज़ह हुई रवीश रवीश घुल से भरा चमन चमन

कलिया तमाम खिल गई शाखें खुशी से हिल गई
बुल बुल घुल से मिल गई हसने लगा चमन चमन

नात में कीलो काल हो मिदहते जुल जलाल हो
अकबर खुश मकाल हो नगमा सारा चमन चमन

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