आओ नबी की शान सुनो

आओ नबी की शान सुनो
नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

हबीब प्यारा नजर उठाए
हो मोला किब्ला बदल दे
कहीं ये चाहत कहीं ये केहना
ए मूंसा आना संभल के
खुदा हे उन्पे मेहरबान सुनो

नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

नबी का सजदा हुवा है लंबा
हुसैन पुश्त पर बैठे
तेरे नवासे के जिनके जोडे
खुदा ने खुल्द से भेजे
है जिब्राइल भी दरबान सुनो

नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

नमाजे दी थी पचास रब ने
नबी ने पांच कराई
हे देखो कितना खयाले उम्मत
नबी ने बात बनाई
वही है अर्श का मेहमान सुनो

नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

नबी के आशिक़ बिलाले हब्शी
है जिनके अर्श पे चर्चे
बिलाल जब भी अज़ान देते
सहाबा इश्क में रोते
बिलाले हब्श की अज़ान सुनो

नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

नबी की अजमत पे पेहरा देना
रजा ने हमको सिखाया
नबी का दुश्मन हे अपना दुश्मन
रजा ने हमको बताया
रजाए इश्क़ की पहचान सुनो

नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

हुसैनी जज्बा उभारता है
अली के नाम का नारा
यजीदियों को पछाड़ता है
एली के नाम का नारा
अली हे मुस्तफा की शान सुनो

नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

नबी की नज़रें रहे उजागर
इसी पे अपना गुज़ारा
नबी का साया रहे सलामत
यही हे अपना सहारा
नबी का कितना हे एहसान सुनो

नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो

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